.......सभी दोस्तो को होली की अग्रिम हार्दिक बधाईया.............
आँकड़ों की दीवार
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हँसते हुए चेहरे ओढ़े अक्सर ये रोते हैं,
पता है फसल का हश्र, फिर भी बोते हैं।
चीखती हुई भूख में क्या-क्या खोते हैं.,
पेट और पीठ अब गले लगकर रोते हैं।
बंद ...
2 days ago
बधाई वैसे जल्दी क्या है चुनाव के फल आने तक तो रुक जाते :)
ReplyDeleteReally nice? keep up the work..
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